हमारा सपना

कैलाश सत्‍यार्थी चिल्‍ड्रेन्‍स फाउंडेशन एक ऐसे विश्‍व की परिकल्‍पना करता है, जहां हर बच्‍चा स्‍वतंत्र, सुरक्षित‍ और स्‍वस्‍थ होगा। उसे अपने बचपन को जी भर कर जीने का अवसर मिलेगा।

हमारा लक्ष्‍य

बाल अधिकार

बच्‍चों के खिलाफ हिंसा, दुर्व्‍यवहार और शोषण को खत्‍म कर बाल अधिकारों का संरक्षण करना।

वैश्विक आवाज

बाल हिंसा के खिलाफ जन-आंदोलन और शोध को बढ़ावा देकर उनकी आवाज को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर मान्‍यता प्रदान करना।

नीतियां

बाल सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए इसकी वैश्विक और राष्ट्रीय नीतियों को कार्यान्‍वयन के लिए प्रभावी बनाना।

क्षमता निर्माण

बाल अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों, नीति-निर्माताओं-व्‍यापारिक जगत, जमीनी संगठनों और सिविल सोसायटियों का दोहन करने के लिए उनकी क्षमताओं का निर्माण करना।

वैश्विक प्‍लेटफॉर्म

बाल अधिकारों को सुनिश्चित करने और उसकी नीतियों को कार्यान्वित करने और उसके नियामक ढांचों को और बेहतर बनाने के लिए उसके नीति-निर्माताओं के बीच विश्‍वास बहाली हेतु उन्‍हें एक वैश्विक प्‍लेटफॉर्म प्रदान करना।

हमारे मूल्‍य

हमारे संस्‍थापक

नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री कैलाश सत्यार्थी लगभग 4 दशकों से बच्‍चों के अधिकारों के लिए अथक संघर्ष कर रहे हैं। ‘’बचपन बचाओ आंदोलन’’ (बीबीए) जैसे जमीनी संगठन के जरिए उन्‍होंने अब तक 86 हजार से अधिक बच्‍चों को बाल दासता और बंधुआ मजदूरी और शोषण से मुक्‍त कराया है। वह दुनिया के सबसे बड़े सिविल सोसायटी संगठन ‘’ग्लोबल मार्च अगेंस्‍ट चाइल्ड लेबर’’ के भी संस्थापक हैं। यह संगठन गैर-सरकारी संगठनों, शिक्षक संघों और ट्रेड यूनियनों का एक महागठबंधन है, जो दुनिया के 103 देशों में काम करता है और बाल मजदूरों के शोषण से मुक्ति के लिए प्रयासरत है। इसे हम श्री सत्‍यार्थी के कुशल नेतृत्‍व और प्रयासों का ही नतीजा कहेंगे कि 1999 में बाल श्रम के सबसे बदतर प्रकारों को खत्‍म करने के लिए आईएलओ कन्‍वेंशन 138 और 182 बना। श्री सत्‍यार्थी दुनियाभर से निरक्षरता को दूर करने के लिए बने वैश्विक शिक्षा अभियान के भी संस्थापक अध्यक्ष हैं। नोबेल सम्‍मानित श्री सत्‍यार्थी को गुडविव इंटरनेशनल को भी पारित कराने का श्रेय जाता है, जो उपभोक्‍ता जागरुकता कार्यक्रमों का सबसे बड़ा उदाहरण है और इसके जरिए कॉरपोरेट जगत को सामाजिक जिम्‍मेदारी का अहसास कराया जाता है। 2014 में श्री सत्‍यार्थी को बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने के लिए नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया। Read Full

 

समाचार में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी